भारत-यूके रक्षा सहयोग मजबूत करने ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे

उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और बदलते रणनीतिक परिदृश्य के बीच भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर हार्व स्माइथ तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। इस दौरे को दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे की शुरुआत में एयर चीफ मार्शल स्माइथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जो दो देशों के बीच सैन्य सम्मान और सौहार्द्र का प्रतीक माना गया।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह से मुलाकात की। बैठक में दोनों पक्षों ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, नए हवाई खतरों और द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। पिछले वर्षों में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और शैक्षणिक आदान-प्रदान ने दोनों वायुसेनाओं के बीच सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है।
इस वर्ष फरवरी में भारत और यूके के बीच हुए एक अहम समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) को यूके के रॉयल एयर फोर्स (RAF) वैली में तैनात किया जाएगा। यह बेस ब्रिटिश फास्ट जेट पायलट प्रशिक्षण के लिए प्रमुख केंद्र है और इससे दोनों देशों के तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
दौरे के अगले चरण में दोनों देशों के वायुसेना प्रमुख मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन का दौरा करेंगे। यहां वे भारतीय वायुसेना की परिचालन प्रक्रियाओं और आधुनिक हवाई खतरों से निपटने की रणनीतियों का निरीक्षण करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा भारत-यूके रक्षा संबंधों को गहराई देने के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इस दौरे से दो देशों के बीच प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और सामरिक समन्वय को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



