इंडो-फ्रेंच कॉन्क्लेव: फ्रांस के राजदूत और प्रतिनिधियों ने देखा भीमबेटका का वैभव, शैलचित्रों की सराहना की

इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव के दौरान भोपाल आए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रायसेन जिले में स्थित विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका का भ्रमण किया। इस दल का नेतृत्व भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू कर रहे थे। भ्रमण के दौरान डेलिगेशन ने भीमबेटका की गुफाओं में मौजूद प्राचीन शैलचित्रों और वहां की ऐतिहासिक विशिष्टताओं का गहराई से अध्ययन किया। प्रतिनिधियों ने इस पुरातात्विक स्थल को मानव विकास के इतिहास का एक अमूल्य दस्तावेज बताया।

फ्रांसीसी राजदूत और उनके साथ आए प्रतिनिधियों ने भीमबेटका में संरक्षित प्राचीन साक्ष्यों और चित्रकारी में विशेष रुचि प्रदर्शित की। भ्रमण के दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इन शैलचित्रों का निर्माण किन परिस्थितियों में हुआ था और वे कैसे आज भी सुरक्षित हैं। प्रतिनिधिमंडल को इस स्थल के पुरातात्विक महत्व और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया।

राजदूत थियरी माथू ने भीमबेटका की प्राकृतिक संरचना और वहां की ऐतिहासिक संपदा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने माना कि यह स्थल न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया की मानव सभ्यता के इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भीमबेटका के गौरवशाली अतीत से जुड़ी कई रोचक जानकारियां साझा कीं। यह भ्रमण कॉन्क्लेव के इतर सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी कदम रहा।

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