नीदरलैंड्स में बोले पीएम मोदी: भारत में हो रहा है तेज बदलाव, डच-भारतीय नागरिक विकसित भारत अभियान में निभाएं भूमिका

नीदरलैंड्स के द हेग में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें देश के विकास का भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने प्रवासियों से ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान भारत बदलाव और आर्थिक प्रगति के एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और प्रगति पर भी देखने को मिल रहा है।
प्रवासी भारतीयों द्वारा मिले आत्मीय सत्कार के लिए धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड्स का भारतीय समुदाय दोनों देशों के कूटनीतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को जोड़ने वाली एक मजबूत और जीवंत कड़ी है। डच समाज के विकास में प्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के प्रति विशेष आदर व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि इस समुदाय का भारत भूमि के साथ एक गहरा ऐतिहासिक और आत्मीय रिश्ता है, और इन्होंने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत व पारंपरिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने का सराहनीय काम किया है।
द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डच प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय विशेषज्ञ और वहां के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे भारतीय विद्यार्थी दोनों देशों के साझा संबंधों को एक नई ऊंचाई दे रहे हैं। उन्होंने क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल भी दोनों देशों के लोगों को करीब लाने का एक सशक्त माध्यम बन रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत और नीदरलैंड्स की द्विपक्षीय साझीदारी का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है, जिसमें मुख्य रूप से इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
व्यापारिक संबंधों पर रोशनी डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय देशों में नीदरलैंड्स भारत के लिए सबसे बड़े निर्यात बाजारों में गिना जाता है और यह भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाले प्रमुख साझीदारों में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता आने वाले समय में दोनों ही पक्षों के लिए वाणिज्यिक विकास के नए अवसर पैदा करेगा।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के भीतर हो रहे ढांचागत सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि भारत आज आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणालियों के विकास में तीव्र बदलावों को अपना रहा है। आज का भारत पूरी आत्मनिर्भरता और आत्मबल के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भी समृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।
अपने संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी समुदाय को भरोसा दिया कि भारत सरकार विदेशों में बसे अपने हर नागरिक के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड्स में रह रहे प्रवासियों के पास जो विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, वे उसके बल पर भारत के विकास अभियानों को एक नया दृष्टिकोण दे सकते हैं। ज्ञात हो कि मुख्यभूमि यूरोप के देशों में भारतीय मूल की सबसे बड़ी आबादी नीदरलैंड्स में ही निवास करती है, जहां सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लोगों की संख्या करीब दो लाख है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने इस विशिष्ट समुदाय के हित में उठाए गए एक बड़े कदम का जिक्र करते हुए बताया कि उनके लिए ओसीआई कार्ड की पात्रता सीमा को अब चौथी पीढ़ी से आगे विस्तारित करके छठी पीढ़ी तक कर दिया गया है।



