तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आगे आया वन विभाग, बालाघाट में विशेष जागरूकता मुहिम शुरू

बालाघाट के दक्षिण सामान्य वनमण्डल ने मौजूदा तेंदूपत्ता संग्रहण काल में जंगल जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वन्यजीवों व इंसानों के बीच होने वाले टकराव की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस रणनीतिक पहल के अंतर्गत वन विभाग द्वारा संग्राहकों के बीच सुरक्षात्मक निर्देशों से युक्त मास्क बांटे जा रहे हैं। इन मास्कों पर मुद्रित संदेशों के जरिए ग्रामीणों को जंगल के भीतर सुरक्षित रहने के उपाय और आवश्यक नियमों की जानकारी दी जा रही है।
वन विभाग के मुताबिक, तेंदूपत्ता संग्रहण के सीजन में जंगलों के भीतर इंसानी गतिविधियां काफी बढ़ जाती हैं, क्योंकि आसपास के गांवों और जंगलों पर निर्भर रहने वाले परिवारों के लिए यह आजीविका का मुख्य जरिया होता है। हिंसक वन्यजीवों की सक्रियता वाले इन संवेदनशील इलाकों में जरा सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा उपायों को बढ़ाना अनिवार्य हो गया था। इसी आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने संदेश युक्त मास्क बांटने का यह व्यावहारिक रास्ता चुना है ताकि सुरक्षा संदेश सीधे लक्षित वर्ग तक पहुंच सकें।
विभाग ने इन मास्कों के माध्यम से संग्राहकों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संग्राहकों को स्पष्ट रूप से परामर्श दिया गया है कि वे अकेले जंगल में जाने के बजाय हमेशा टोलियों या समूहों में ही काम करें। इसके अलावा, अंधेरे के समय यानी सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के पश्चात वन क्षेत्रों में प्रवेश को पूरी तरह टालने तथा अत्यधिक सघन या जोखिम भरे वन खंडों में न जाने की चेतावनी दी गई है। यदि किसी क्षेत्र में कोई हिंसक जानवर दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को देने को कहा गया है।
अभियान के सुचारू संचालन के लिए वन विभाग की जमीनी टीमें लगातार ग्रामीण अंचलों और निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर मुस्तैद हैं। यह अमला लगातार स्थानीय निवासियों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है। वन प्रशासन का मुख्य ध्येय जनसामान्य की सतर्कता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है, ताकि वन्यजीवों और मानवों के बीच होने वाले संघर्ष को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके और हर वनाश्रित परिवार की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।


