प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विदेश मंत्रालय के कामकाज और वैश्विक कूटनीति का हुआ कायाकल्प: विदेश मंत्री

मंगलवार को केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के शासनकाल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत की वैश्विक कूटनीति और विदेश मंत्रालय के कामकाज के तौर-तरीकों में व्यापक सुधार हुआ है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सरकार के सेवा कार्यों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली सफलताओं पर प्रकाश डाला।
विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि 12 वर्ष पूर्व नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से लेकर अब तक के सफर को ‘सेवा के 12 साल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब आम नागरिकों के लिए पासपोर्ट बनवाने और जरूरी कागजातों को सत्यापित कराने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुगम और परेशानी मुक्त बना दिया गया है।
दुनिया भर में बसे भारतीयों की सुरक्षा और मदद का जिक्र करते हुए जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए दूतावासों को क्रियाशील किया गया है और प्रवासियों के कल्याण के लिए समर्पित फंड का दायरा बढ़ाया गया है। इसके अलावा, जनता की शिकायतों को दर्ज करने और उनके समाधान के लिए डिजिटल माध्यम विकसित किए गए। युद्ध या गृहयुद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में फंसे भारतीयों को निकालने की क्षमता का प्रमाण देते हुए उन्होंने यूक्रेन, अफगानिस्तान, इजरायल और सूडान में चलाए गए सफल रेस्क्यू मिशनों का उदाहरण दिया।
वैश्विक रोजगार के अवसरों को लेकर उन्होंने जानकारी दी कि भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने की सहूलियत देने के उद्देश्य से अब तक 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौतों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके जरिए भारतीय पेशेवरों की वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान हुई है। साथ ही, विकास परियोजनाओं के माध्यम से देश के निर्यात क्षेत्र को मजबूती प्रदान की गई है ताकि भारतीय व्यवसायों को दुनिया भर में नए खरीदार और बाजार मिल सकें।
संस्कृति और कूटनीति के मोर्चे पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए कई कल्याणकारी उपाय लागू किए गए हैं। वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध परंपराओं के प्रति आदर भाव बढ़ाने के निरंतर प्रयास हुए हैं। प्रवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर 44 नए वाणिज्य दूतावास और एम्बेसी स्थापित की गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आज भारतीय राजनयिकों की 24 घंटे की सक्रियता के चलते दुनिया भर में भारतीयों का मान-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ा है।



