भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को नई गति: फ्रांस में मिले प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, द्विपक्षीय बैठक में 9 प्रमुख क्षेत्रों पर हुई विस्तृत चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 समिट से इतर एक विशेष द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता में भारत और अमेरिका की रणनीतिक भागीदारी के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा, वाणिज्यिक समझौतों, पश्चिम एशिया की सुरक्षा, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों के संरक्षण जैसे 9 अहम मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाना था। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के आपसी तालमेल और व्यक्तिगत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वाशिंगटन में वर्ष 2025 में हुई बैठक के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता किसी औपचारिक द्विपक्षीय मंच पर आमने-सामने थे। इस मुलाकात में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति के संकेत मिले। ट्रंप ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि दोनों देश एक साझा व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री की बातचीत की क्षमता का लोहा मानते हुए उन्हें दुनिया के सबसे चतुर और मजबूत वार्ताकारों में गिनाया।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी अमेरिका ने भारत को अपनी प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों या किसी भी संभावित हमले की स्थिति में अमेरिका भारत की मदद के लिए पूरी तत्परता से मौजूद रहेगा। रक्षा सहयोग को लेकर अमेरिकी प्रशासन का यह रुख दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों की गहराई को प्रदर्शित करता है।
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां शांति बहाली के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से की जा रही पहलों का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा कि उनके प्रयासों की बदौलत ही क्षेत्र में स्थिरता की नई उम्मीदें पैदा हुई हैं। गौरतलब है कि ट्रंप इस क्षेत्र में सुरक्षा और ईरान से जुड़े संवेदनशील मसलों के समाधान के लिए लगातार सक्रिय हैं।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुख्य केंद्र ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को सुरक्षित और खुला रखने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक हितों के लिए इस जलमार्ग का सुचारू रूप से चलना जरूरी है, क्योंकि भारत की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शिपिंग लाइन्स में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी दृढ़ता से उठाया और हाल ही में हुई कुछ दुर्घटनाओं पर चिंता जताई, जिस पर ट्रंप ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
वैश्विक परिदृश्य में भारत के बढ़ते कद को स्वीकार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री मोदी कमान संभाल रहे हैं, भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और विशेष रूप से पश्चिम एशिया में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने भारत को हर क्षेत्र में एक बड़ा खिलाड़ी बताया।
सकारात्मक माहौल में हुई इस वार्ता के दौरान ट्रंप ने अपने पुराने भारत दौरे को याद किया और कहा कि वे आने वाले समय में एक बार फिर भारत की यात्रा पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय पेशेवरों की बौद्धिक क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि रोजगार और प्रतिभा के आदान-प्रदान में दोनों देशों का आपसी तालमेल हमेशा शानदार रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने भारत द्वारा अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाए जाने की संभावनाओं का समर्थन करते हुए दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग को और अधिक विस्तार देने की बात कही।


