मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजगढ़ में; 352 करोड़ के कार्यों का उपहार देकर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का करेंगे विधिवत समापन

राजगढ़ जिले के विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 30 जून को सारंगपुर विकासखंड के भैंसवामाता जी मंदिर में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में शिरकत करेंगे। इस ऐतिहासिक दौरे पर मुख्यमंत्री राजगढ़ के लिए 352 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देते हुए उनका लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। शासन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल तथा सांसद रोडमल नागर की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री दोपहर 1:45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर सबसे पहले भैंसवामाता के दर्शन करेंगे।

धार्मिक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री दूध तलैया में गंगा पूजन और गौ-पूजन करेंगे, जिसके बाद वे परिसर में पौधरोपण भी करेंगे। पर्यावरण और जल प्रबंधन को समर्पित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0’ की उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का भी वे अवलोकन करेंगे, जहाँ जिले के नवाचारों की समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर राजगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने वाली एक फिल्म, कॉफी टेबल बुक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले के विकास सफरनामे पर आधारित एक किताब का विमोचन भी मुख्यमंत्री के हाथों संपन्न होगा। कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथि प्रहलाद सिंह पटेल, गौतम टेटवाल और रोडमल नागर भी जनसभा को संबोधित करेंगे।

मंच से अपने मुख्य संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं की प्रगति साझा करेंगे और राज्य में पर्यावरण सुरक्षा व सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के प्रति सरकार का नजरिया सामने रखेंगे। समारोह में समाज के जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए शुरू किए गए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2026’ का आज औपचारिक समापन हो रहा है। इस अल्पकालिक जन-अभियान के अंतर्गत वन, सिंचाई, औद्योगिक, शैक्षणिक, नगरीय और ग्रामीण इलाकों में 3.62 लाख से ज्यादा जल संवर्धन संबंधी कार्यों को अंजाम दिया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में वाटर हार्वेस्टिंग और जल शुद्धता परीक्षण को लेकर बड़ा बदलाव देखा गया है।

अभियान की इस सफलता को जिला स्तर पर मनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न अंचलों में सांसदों को मुख्य अतिथि नियुक्त किया गया है। इसके तहत शहडोल का दायित्व श्रीमती हिमाद्री सिंह, भिण्ड की जिम्मेदारी श्रीमती संध्या राय, बालाघाट में श्रीमती भारती पारधी, रतलाम में श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान, बड़वानी में श्री गजेन्द्र पटेल, सीधी में डॉ. राजेश मिश्रा, मंदसौर में श्री सुधीर गुप्ता, श्योपुर में श्री शिवमंगल सिंह तोमर, छिंदवाड़ा में श्री बंटी विवेक साहू और जबलपुर में श्री आशीष दुबे को सौंपा गया है, जबकि नीमच में राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इन कार्यक्रमों में जल संरक्षण, सुरक्षा और श्रमदान के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले नागरिकों, सरकारी विभागों, युवा समूहों, जलदूतों और शैक्षणिक संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

यह समारोह केवल एक अभियान का अंत नहीं, बल्कि नए लक्ष्यों की शुरुआत भी है। इस मंच से आगामी मानसून सत्र में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वनीकरण करने का आह्वान किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए द्वार खोलने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले “विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB GRAM G)” के जनहितकारी प्रावधानों का खाका भी जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन होगा और वहाँ मौजूद सभी गणमान्य नागरिक तथा जनप्रतिनिधि जल संरचनाओं के संरक्षण और उनके उचित रखरखाव का सामूहिक संकल्प लेंगे।

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