राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह: राष्ट्रपति मुर्मु ने 105 सैन्य जांबाजों को विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए

सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-2026 (द्वितीय चरण) के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सेना के तीनों अंगों और भारतीय तटरक्षक बल के 105 जांबाजों को विशिष्ट सेवा अलंकरणों से अलंकृत किया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सैन्य कर्मियों को शांति के समय और युद्ध या सैन्य अभियानों के दौरान दिखाए गए बेजोड़ नेतृत्व, बेहतरीन पेशेवर कार्यकुशलता और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा के लिए दिए गए हैं। इस वर्ष के अलंकरणों में कुल 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, 12 उत्तम युद्ध सेवा पदक तथा 56 अति विशिष्ट सेवा पदक वितरित किए गए।

देश की सुरक्षा व्यवस्था में अद्वितीय योगदान देने के लिए थल सेना, वायु सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मंच पर सम्मानित किया गया। अति विशिष्ट सेवा पदक हासिल करने वाले सैन्य अधिकारियों में एयर मार्शल तरुण चौधरी के साथ-साथ लेफ्टिनेंट जनरल नीरज वर्ष्णेय, लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला, लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वंड्रा, लेफ्टिनेंट जनरल मोहिंदर पाल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल रणजीत सिंह शामिल हैं। इनके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, लेफ्टिनेंट जनरल आदित्य विक्रम सिंह राठी, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा को भी इसी सम्मान से नवाजा गया।

समारोह में नौसेना और वायु सेना के उच्चाधिकारियों की गौरवमयी उपस्थिति रही, जिन्हें उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक दिए गए। इनमें नौसेना के वाइस एडमिरल आनंद वाई. सरदेसाई, वाइस एडमिरल रजत कपूर, वाइस एडमिरल श्रीनिवास कुदारावल्ली, वाइस एडमिरल सुशील मेनन और वाइस एडमिरल अनिल जग्गी के नाम शामिल हैं। वायु सेना से एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल, एयर मार्शल के.ए.ए. संजीब और एयर मार्शल एस. श्रीनिवास राव को यह मेडल मिला। साथ ही, भारतीय तटरक्षक बल में कार्यरत अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल को भी इस प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में सेना के मेजर जनरल रैंक के कई अधिकारियों की विशिष्ट सेवाओं को भी सराहा गया। अति विशिष्ट सेवा पदक पाने वाले इन अधिकारियों में सुधीर कुमार शर्मा, सुजीत शिवाजी पाटिल, गुरप्रीत सिंह चौधरी, आशीष शाह, अमर रामदासानी, विकास चौधरी, तरुण अग्रवाल, विक्रांत सुरेश देशपांडे, विवेक नारंग, परनवीर सिंह पुनिया, अरिंदम साहा और महिपाल सिंह राठौड़ शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम में एक खास आकर्षण 9 असम रेजिमेंट के सूबेदार एच. होकाटो सेमा रहे, जिन्हें यह पदक दिया गया। एक जूनियर कमीशंड अधिकारी को यह सम्मान मिलना पूरी सेना के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।

रणनीतिक रूप से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर शानदार नेतृत्व व युद्धकालीन सेवाओं के प्रदर्शन के लिए कई शीर्ष कमांडरों को उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों में दक्षिणी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एयर मार्शल मनीष खन्ना और 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव शामिल हैं। इनके साथ ही 9 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, 3 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर, 4 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह तथा 16 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा को भी यह मेडल प्रदान किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पदक प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों और जवानों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि सैन्य कर्मियों की यह अनुकरणीय सेवाएं देश की रक्षा प्रणालियों को सुदृढ़ करने और भारत की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बेहद महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा अलंकरण समारोह देश की सशस्त्र सेनाओं की उच्च व्यावसायिकता, कड़े अनुशासन और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके अडिग संकल्प को प्रदर्शित करता है।

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