जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री से की शिष्टाचार भेंट, कार्ययोजना पर हुई चर्चा

जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के आकलन के लिए बनाई गई केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस शिष्टाचार बैठक के दौरान समिति ने गृह मंत्री के सामने अपनी भावी योजनाओं का खाका रखा। समिति ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थितियों का सही मूल्यांकन करने के लिए सदस्य देश के विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का सघन दौरा करेंगे। इसके अलावा, जनसंख्या में आ रहे बदलावों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों से भी चर्चा कर उनका फीडबैक लिया जाएगा।

अध्ययन को अधिक सटीक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से समिति ने एक विशेष प्रश्नावली का निर्माण किया है, जिसकी जानकारी गृह मंत्री को दी गई। इस प्रश्नावली की मदद से संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जमीनी स्तर के आंकड़े पहले ही हासिल कर लिए जाएंगे। समिति का मानना है कि इस अग्रिम प्रक्रिया से उनका अध्ययन और अधिक तथ्यात्मक, पारदर्शी तथा व्यापक रूप ले सकेगा।

समिति की इस सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गृह सचिव को विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि समिति को अपने नियमित दायित्वों के निर्वहन और देशव्यापी दौरों के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाए। गृह मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के मौजूदा हालातों को देखते हुए समिति अपनी आवश्यक सिफारिशें बिना किसी देरी के जल्द तैयार करे।

इस मिशन की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को लाल किले की प्राचीर से ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने का संकल्प व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद ही केंद्र सरकार द्वारा इस समिति का गठन किया गया, ताकि अवैध रूप से होने वाले प्रवासन और अन्य अस्वाभाविक कारणों से देश के जनसांख्यिकीय ढांचे पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की जांच की जा सके।

इस विशेष समिति की अध्यक्षता देश के प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर कर रहे हैं। उनके साथ देश के जनगणना आयुक्त भी इस अभियान से जुड़े हैं। समिति के अन्य सम्मानित सदस्यों में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व पुलिस अधिकारी (आईपीएस) बालाजी श्रीवास्तव और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की वरिष्ठ सदस्य डॉ. शमिका रवि शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं।

यह उच्च स्तरीय समिति पूरी तरह से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध प्रवास और अन्य अस्वाभाविक वजहों से आ रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का गहन अध्ययन करेगी। इन बदलावों के मूल कारणों की पड़ताल करने के बाद, समिति सरकार को दूरगामी समाधान सुझाएगी। इसमें इस समस्या को रोकने के लिए जरूरी प्रशासनिक रणनीतियां, नीतिगत दिशानिर्देश और विधायी सुधारों की रूपरेखा शामिल होगी।

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