भारत-इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक सहयोग का नया दौर, हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए कोस्ट गार्ड मिलाएंगे हाथ

जकार्ता में मंगलवार को भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने साझा प्रेस वार्ता में कई बड़े नीतिगत फैसलों का ऐलान किया। इस बैठक की सबसे प्रमुख उपलब्धि हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के कोस्ट गार्ड का एक साथ मिलकर काम करने का निर्णय रही। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रक्षा विनिमय, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहभागिता में वृद्धि करने पर दोनों पक्ष सहमत हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत है।

द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता हुआ परस्पर भरोसा ही दोनों देशों की रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग की असली ताकत है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस साझेदारी का सकारात्मक असर न केवल दोनों देशों पर, बल्कि 21वीं सदी की पूरी दुनिया और मानवता पर दिखाई देगा। इसके साथ ही, उन्होंने गरीबी उन्मूलन को दोनों देशों का एक समान लक्ष्य बताते हुए कहा कि भारत अपनी ‘मिड-डे मील’ और ‘पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम’ जैसी सफल प्रणालियों के अनुभवों को इंडोनेशिया के साथ साझा करने को तत्पर है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में भविष्य की रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों की घोषणा की गई:

  • कोस्ट गार्ड और बंदरगाह विकास: हिंद महासागर में दोनों देशों के तटरक्षक बल संयुक्त रूप से सुरक्षा की कमान संभालेंगे। इसके साथ ही समुद्री व्यापार, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और नीली अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाया जाएगा।

  • उच्च शिक्षा और स्पेस रिसर्च: भारत के प्रतिष्ठित संस्थान IIM बैंगलोर का एक नया परिसर इंडोनेशिया में खोला जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान मजबूत होगा। अंतरिक्ष के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और टेक्नोलॉजी शेयरिंग पर भी सहमति बनी है।

  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य: भारत, इंडोनेशिया को किफायती दर पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं मुहैया कराएगा और वहां के हेल्थकेयर वर्कर्स की कुशलता बढ़ाने में मदद करेगा। तकनीकी मोर्चे पर AI, टेलीकॉम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स के लिए नए फ्रेमवर्क तैयार किए गए हैं।

  • कृषि तकनीक: दोनों देशों के किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सस्टेनेबल फार्मिंग और कृषि-तकनीक से जुड़ी जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से नवाजा। प्रधानमंत्री ने इस गौरवपूर्ण सम्मान के लिए इंडोनेशियाई नेतृत्व और वहां की जनता का धन्यवाद करते हुए इसे भारत के करोड़ों नागरिकों का सम्मान बताया। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा दोनों देशों के मध्य जारी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है।

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