सीमा पार आतंकवाद और डिजिटल तकनीक के गलत इस्तेमाल पर भारत-रूस ने जताई चिंता, संयुक्त कार्य समूह की बैठक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

भारत और रूस ने सीमा पार से संचालित होने वाली आतंकी गतिविधियों और आतंकवादियों द्वारा आधुनिक तकनीकों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस खतरे के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत-रूस आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह’ की 14वीं बैठक में दोनों देशों ने सुरक्षा मोर्चे पर रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री दिमित्री ल्यूबिंस्की ने की। बैठक में दोनों राष्ट्रों के संबंधित मंत्रालयों और प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बुधवार, 8 जुलाई 2026 को संपन्न हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने आतंकवाद के हर स्वरूप की स्पष्ट रूप से भर्त्सना की। इस दौरान विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद को एक बड़ा खतरा बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की गई। दोनों देशों ने पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद 10 नवंबर 2025 को देश की राजधानी नई दिल्ली में लाल किले के समीप हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इन घटनाओं की कठोर शब्दों में आलोचना की।

सुरक्षा के मुद्दों पर विस्तार से बात करते हुए दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा चिन्हित किए गए आतंकी संगठनों, उनसे जुड़े सहायकों और परोक्ष रूप से काम करने वाले प्रॉक्सी समूहों के खिलाफ एक सुनियोजित और निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने के अपने-अपने अनुभवों और कार्यप्रणालियों को एक-दूसरे के साथ साझा किया।

इसके साथ ही, उग्रवाद की बढ़ती प्रवृत्ति, कट्टरपंथ, टेरर फंडिंग (आतंकवाद के वित्तपोषण) और नई एवं उभरती डिजिटल वित्तीय प्रणालियों के आतंकियों द्वारा किए जा रहे गलत इस्तेमाल जैसी गंभीर चुनौतियों पर भी गहन मंथन हुआ। भारत और रूस ने इन उभरते खतरों को रोकने के लिए द्विपक्षीय सहयोग के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने पर अपनी सहमति जताई है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एकजुटता दिखाने के संकल्प के साथ दोनों देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर पनपते नए आतंकी खतरों का विश्लेषण किया। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स (BRICS), यूरेशियन ग्रुप (EAG) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे वैश्विक एवं बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी अभियानों में आपसी तालमेल को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक के समापन पर यह तय किया गया कि भारत-रूस आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह के अगले दौर की बैठक रूस में आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथि दोनों देशों की आपसी सहमति से बाद में निर्धारित होगी।

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