मध्य पूर्व में गहराया संकट: अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर बरसाए बम, 24 घंटे में तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी सेना की गोलीबारी के बाद ईरान के तटीय और रणनीतिक ठिकानों पर नए सिरे से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी समयानुसार शाम 5 बजे शुरू हुई इस जवाबी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच कायम बेहद नाजुक सीजफायर पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और आम नाविकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ईरानी सैन्य क्षमता को नष्ट करने के लिए उठाया गया है।

अमेरिकी कमान द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि कमांडर-इन-चीफ ने ईरानी सुरक्षा बलों को उनके आक्रामक कृत्यों के लिए उत्तरदायी ठहराने के उद्देश्य से इन हमलों का आदेश दिया था। अमेरिकी समाचार पत्र ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में यह तीसरा अवसर है जब अमेरिकी विमानों ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बार अमेरिकी वायुसेना का पूरा ध्यान जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के तटीय क्षेत्रों पर केंद्रित रहा।

सीएनएन और द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि जिस वक्त अमेरिकी सेना अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी, उसी दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने वहां से गुजर रहे सिविलियन जहाजों पर फायरिंग की थी। इसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने तत्परता दिखाते हुए एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक हमलावर ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। कैप्टन हॉकिन्स ने मीडिया को बताया कि इस तनावपूर्ण स्थिति के लिए ईरान सीधे तौर पर जिम्मेदार है। वहीं, ईरान के आधिकारिक मीडिया ने तटीय प्रांत होर्मोजगान के जस्क, केशम, बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में सिलसिलेवार धमाकों की जानकारी दी है, हालांकि शुरुआती स्तर पर किसी नागरिक के हताहत होने या दुकानों-मकानों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।

इस नए सैन्य अभियान की पृष्ठभूमि रविवार को तैयार हुई थी जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की मिसाइल प्रणालियों, वायु रक्षा तंत्र और आईआरजीसी की छोटी सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया था। अमेरिकी मीडिया फॉक्स न्यूज के अनुसार, अमेरिकी सेना ने सिर्फ एक रात में लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किया, जिससे पिछले तीन दिनों में कुल निशाना बनाए गए सैन्य ठिकानों की संख्या 300 से अधिक हो गई है।

उल्लेखनीय है कि सप्ताहांत के दौरान ईरान ने भी अमेरिका समर्थित ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमले किए थे। इस क्रम में कुवैत ने बयान जारी कर बताया कि उसके तीन उत्तरी सीमावर्ती पोस्ट क्षतिग्रस्त हुए हैं। साथ ही, एक ईरानी ड्रोन ने कुवैत ऑयल कंपनी के एक अपतटीय (ऑफशोर) तेल निष्कर्षण प्लेटफॉर्म पर भी हमला किया, जिसमें वहां काम करने वाला एक कर्मचारी जख्मी हो गया। इसके बाद ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में स्थापित अमेरिकी हिमार्श (HIMARS) रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाकर अमेरिकी सैनिकों को हताहत किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी दावों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि क्षेत्र में उनके किसी भी सेवा सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पुनर्जीवित संघर्ष पर तीव्र चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों, ईरान पर अमेरिकी जवाबी कार्रवाई और पड़ोसी मुल्कों पर हो रही बमबारी को तत्काल रोकने की अपील की है। गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों देशों के बीच शत्रुता बड़े पैमाने पर दोबारा शुरू होती है, तो इसके बेहद विनाशकारी परिणाम पूरे क्षेत्र की स्थिरता, वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को झेलने पड़ेंगे। उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान, दोनों पक्षों से कूटनीतिक संयम बरतते हुए तत्काल सीधी बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।

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