लियोनेल मेसी के कमाल से अर्जेंटीना वर्ल्ड कप के फाइनल में, इंग्लैंड को 2-1 से दी मात

मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने बुधवार रात अटलांटा में खेले गए फुटबॉल वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश कर लिया है। एक समय मैच के 85वें मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही लियोनेल मेसी की टीम ने आखिरी 7 मिनट के भीतर दो गोल करके पासा पलट दिया। अब 19 जुलाई को होने वाले महामुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। इंग्लैंड की तरफ से 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने पहला गोल किया था, लेकिन अंतिम क्षणों में मेसी के पास पर एंजो फर्नांडेज ने 25 गज की दूरी से गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के बेहतरीन क्रॉस पर सब्स्टीट्यूट स्ट्राइकर लॉटारो मार्टिनेज ने हेडर से निर्णायक गोल दागा।
यह अर्जेंटीना का कुल 7वां वर्ल्ड कप फाइनल होगा, इससे पहले टीम 1930, 1978, 1986, 1990, 2014 और 2022 में फाइनल का सफर तय कर चुकी है। अर्जेंटीना ने 1978, 1986 और 2022 में विश्व विजेता का खिताब जीता था। इस बार टीम के पास लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार ट्रॉफी उठाने का ऐतिहासिक अवसर है।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच भारी तनाव देखा गया। तीसरे ही मिनट में इंग्लैंड के इलियट एंडरसन पर हुए एक टैकल के बाद खिलाड़ी आपस में उलझ पड़े, जिसके चलते रेफरी इस्माइल एलफाथ को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। प्रथम हाफ में फाउल्स की संख्या काफी अधिक रही। 33वें मिनट में डेक्लन राइस की फ्री-किक पर जॉन स्टोन्स का हेडर चूक गया और गेंद बाहर चली गई, जबकि 38वें मिनट में अर्जेंटीना के एंजो फर्नांडेज का शॉट भी गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया।
मैच के 37वें मिनट में मेसी को गलत तरीके से रोकने पर इंग्लैंड के इलियट एंडरसन को येलो कार्ड मिला, वहीं 42वें मिनट में जूड बेलिंगहम की जर्सी खींचने के कारण अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज को भी चेतावनी कार्ड दिया गया। हाफ टाइम के बाद भी रेफरी से बहस का दौर जारी रहा। दूसरे हाफ में 48वें मिनट में जूलियन अल्वारेज के प्रयास को जॉर्डन पिकफोर्ड ने रोक दिया। इसके बाद 55वें मिनट में हैरी केन, डेक्लन राइस और मॉर्गन रोजर्स के संयुक्त प्रयास से मिले क्रॉस पर एंथनी गॉर्डन ने गोल कर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई, जो अंततः मेसी के जादुई खेल के आगे टिक नहीं सकी।


