स्वच्छ ऊर्जा की ओर ऐतिहासिक कदम: प्रधानमंत्री मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दी हरी झंडी

देश को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच संचालित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित थे। हरी झंडी दिखाने के पश्चात प्रधानमंत्री ने वहां उपस्थित जनसमूह और विद्यार्थियों का गर्मजोशी से अभिवादन किया।
इस पहली आधिकारिक यात्रा को यादगार बनाने के लिए स्कूली बच्चों को ट्रेन में सफर का अवसर मिला। हाथों में राष्ट्रध्वज लिए इन बच्चों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस अत्याधुनिक ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ में यात्रा करने के अपने अनुभव को बेहद खास और कभी न भूलने वाला बताया।
परिवहन क्षेत्र में इस बड़े बदलाव के बाद, प्रधानमंत्री जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित एक अन्य विकास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मंच से उन्होंने कुल 14,700 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न महत्वपूर्ण ढांचागत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और कुछ तैयार परियोजनाओं को देश को समर्पित किया।
घोषित की गई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पहले पांच पैकेज शामिल हैं। 9,680 करोड़ रुपये के बजट से निर्मित यह 157.92 किलोमीटर लंबा 4-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली से कटरा की यात्रा अवधि को 14 घंटे से घटाकर 6 घंटे कर देगा। इसके अलावा, दिल्ली से अमृतसर जाने वाले यात्रियों का समय भी 8 घंटे से घटकर सिर्फ 4 घंटे रह जाएगा।
सड़क नेटवर्क को विस्तार देते हुए प्रधानमंत्री ने एनएच-7 और एनएच-344 पर बने 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अंब 4-लेन राजमार्ग तथा एनएच-352A पर निर्मित 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग का भी अनावरण किया। इसी कार्यक्रम में हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला भी रखी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक रूप से साफा पहनाकर और विशेष उपहार देकर अभिनंदन किया। राजनीतिक गलियारों और विशेषज्ञों के अनुसार, देश की इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत भारत के आत्मनिर्भर बनने और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर कदम आगे बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।



