डिजिटल सेवाओं पर बढ़ा जनविश्वास: आधार ऐप डाउनलोड का आंकड़ा 4 करोड़ के पार

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आधार मोबाइल ऐप के डाउनलोड का आंकड़ा 4 करोड़ (40 मिलियन) को पार कर गया है। डिजिटल पहचान सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के इस प्रयास के तहत अब तक करीब 49 लाख लोगों ने अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर ऐप के माध्यम से अपडेट किए हैं। यह उपलब्धि सरकारी डिजिटल सेवाओं में आम जनता के बढ़ते भरोसे को रेखांकित करती है।
आधार ऐप की मदद से निवासी अब आधार सेवा केंद्रों पर जाए बिना ही अपनी व्यक्तिगत जानकारियां अद्यतन कर पा रहे हैं। ऐप की शुरुआत से लेकर अब तक 11.65 लाख लोग घर बैठे पते का सुधार करवा चुके हैं। यह एकीकृत प्लेटफॉर्म बायोमेट्रिक नियंत्रण, ई-आधार डाउनलोड, पते में बदलाव तथा मोबाइल व ईमेल अद्यतन जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराता है।
प्राधिकरण द्वारा 1 जुलाई से प्रारंभ की गई ईमेल अद्यतन सेवा के माध्यम से अब तक लगभग 12.5 लाख ईमेल पते जोड़े या बदले गए हैं। इससे निवासियों और यूआईडीएआई के मध्य पत्राचार तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान में मजबूती आई है। इस सेवा के लिए पहले 75 रुपये का शुल्क निर्धारित था, लेकिन अब इसे आधार ऐप पर 31 दिसंबर 2026 तक के लिए बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है।
उपयोगकर्ताओं की डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बनाए गए बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक विकल्प का इस्तेमाल 19.1 मिलियन (1.91 करोड़) से अधिक बार किया जा चुका है। यह व्यवस्था आधार कार्डधारकों को उनकी पहचान संबंधी जानकारी पर त्वरित नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे वे जरूरत के समय एक टैप में अपनी बायोमेट्रिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
यह ऐप नागरिकों को अपनी पहचान आसानी से साझा करने, सत्यापित करने और सुरक्षित रखने की सुविधा प्रदान करता है। ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के तहत विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों के जीवन स्तर को सुगम (ईज़ ऑफ लिविंग) बनाने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को गति देने में निरंतर सहायक सिद्ध हो रहा है।



