शेयर बाज़ार अपडेट

सेंसेक्स और निफ्टी में सुस्त शुरुआत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप में बढ़त
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत सीमित दायरे में की। कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स 58 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,649 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 22 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 24,216 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया।
शुरुआती सत्र के दौरान बाजार में मिला-जुला रुख कायम रहा। जहां एक तरफ बैंकिंग (पीएसयू), धातु, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, कमोडिटीज, पीएसई और तेल एवं गैस से जुड़े सेक्टरों के सूचकांक बढ़त दर्शाते हुए हरे निशान में बने रहे, वहीं दूसरी तरफ रक्षा (डिफेंस), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, मीडिया, हेल्थकेयर और रियल्टी क्षेत्र के सूचकांकों में बिकवाली का असर दिखा और वे लाल निशान पर फिसल गए।
व्यापक बाजार के मोर्चे पर निवेशकों का रुख मुख्य रूप से खरीदारी का बना रहा, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के सूचकांकों को मजबूती मिली। इस रुझान के चलते निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 140 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,945 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक भी 71 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 19,399 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के घटक शेयरों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), टाटा स्टील, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईटीसी, एचयूएस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) में तेजी का रुख रहा। इसके विपरीत, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और एक्सिस बैंक के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
वैश्विक स्तर पर, एशियाई बाजारों में अधिकतर सूचकांक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते नजर आए। टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और सोल के शेयर बाजार हरे निशान में रहे, जबकि बैंकॉक और हांगकांग में नरमी दर्ज की गई। इससे पहले, अमेरिकी बाजारों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली थी, जिसमें डाओ जोन्स इंडेक्स 0.59 प्रतिशत और नैस्डैक 0.05 प्रतिशत की सुस्ती के साथ बंद हुआ था।
पूंजी प्रवाह के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला अभी भी थम नहीं रहा है। सोमवार को एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार से 1,121.04 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को समर्थन दिया और 1,312.03 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की भावी दिशा इस समय चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों और ईरान-अमेरिका संघर्ष से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। इस राजनीतिक व सामरिक स्थिति से जुड़ी कोई भी नई जानकारी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। इसके अतिरिक्त, जुलाई के शुरुआती हफ्ते में लिवाली करने के बाद एफआईआई द्वारा दोबारा शुरू की गई बिकवाली भी निकट भविष्य में बाजार की बढ़त को सीमित रख सकती है।



