कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह ने कांस्य पदक पर किया कब्जा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत ने अपना दबदबा बनाते हुए दो पदक हासिल किए। भारतीय स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता, वहीं साथी खिलाड़ी यशवीर सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर की दूरी तय कर कांस्य पदक हासिल किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज ने 89.75 मीटर के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।
नीरज चोपड़ा ने अपनी लय बनाते हुए पहले प्रयास में 80.97 मीटर का थ्रो फेंका। इसके तुरंत बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो करके सत्र का अपना सबसे बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया। इसके बाद नीरज के तीसरे और चौथे थ्रो क्रमशः 81.29 मीटर और 80.73 मीटर दर्ज किए गए। हालांकि श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज 89.75 मीटर के अपने थ्रो के दम पर अंकों के मामले में सबसे आगे रहे और पहले स्थान पर कब्जा जमाया।
प्रतियोगिता में यशवीर सिंह का प्रदर्शन काफी नाटकीय रहा, जहाँ उनका आखिरी प्रयास निर्णय में मुख्य मोड़ लेकर आया। यशवीर ने दूसरे प्रयास में 78.55 मीटर, तीसरे में 81.33 मीटर और पांचवें प्रयास में 76.95 मीटर की दूरी तय की थी। अंतिम और छठे प्रयास में उन्होंने 85.41 मीटर का भाला फेंककर भारत की झोली में कांस्य पदक डाल दिया, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी बना।
भारत के तीसरे प्रतिभागी रोहित यादव ने फाइनल स्पर्धा में 81.56 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवाँ स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा के दौरान पहले प्रयास में 77.50 मीटर, दूसरे प्रयास में 81.56 मीटर, चौथे में 73.70 मीटर और छठे प्रयास में 79.55 मीटर का स्कोर हासिल किया।
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के इन दो पदकों को मिलाकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। भारतीय दल अब तक 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक हासिल कर चुका है। इनमें से सर्वाधिक 11 पदक एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स वर्ग से आए हैं। इसके अतिरिक्त भारत को जूडो में 3 (2 गोल्ड समेत), वेटलिफ्टिंग में 8 और पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 कांस्य पदक प्राप्त हुआ है।
इन सफलताओं के साथ भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर बना हुआ है। तालिकाओं के शीर्ष पर ऑस्ट्रेलिया 128 पदकों (55 स्वर्ण, 30 रजत, 43 कांस्य) के साथ अपनी बढ़त बनाए हुए है, जबकि इंग्लैंड 80 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 53 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद है।



