ओडिशा मतदाता सूची पुनरीक्षण: निर्वाचन आयोग ने बढ़ाई समयसीमा, 21 सितंबर को जारी होगी अंतिम सूची

भारत निर्वाचन आयोग ने ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आग्रह पर राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समयसीमा में विस्तार कर दिया है। आयोग की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, राज्य के पात्र मतदाता अब 19 अगस्त तक अपने दावे और आपत्तियां जमा कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि आयोग ने 14 मई को एक आदेश जारी कर देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की थी। इसी क्रम में ओडिशा में 5 जुलाई को मतदाता सूची का पहला मसौदा प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद नागरिकों को अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करने के लिए 4 अगस्त तक की मोहलत दी गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की सिफारिश के बाद चुनाव आयोग ने ‘मतदाता पंजीकरण नियमावली, 1960’ के नियम 12 में दिए गए कानूनी प्रावधानों का उपयोग करते हुए इस मियाद को बढ़ाने की मंजूरी दी। पुनरीक्षण का यह पूरा कार्य 1 जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
31 जुलाई को जारी अधिसूचना में आयोग ने स्पष्ट किया कि 30 जुलाई को सीईओ की ओर से प्राप्त पत्र पर संज्ञान लेते हुए यह संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 5 अगस्त से 19 अगस्त के दौरान आपत्तियां ली जाएंगी। दावों की जांच और नोटिस जारी करने की समयसीमा 17 सितंबर रखी गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 सितंबर को निर्धारित किया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए चुनाव आयोग ने राज्य अधिकारियों से इस अधिसूचना को राज्य के असाधारण राजपत्र में तुरंत प्रकाशित कराने को कहा है। रिकॉर्ड के लिए इसकी तीन प्रतियां आयोग को भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई है कि इस नए चुनावी कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार किया जाए।



