सावन के प्रथम सोमवार पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब

पवित्र सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर आज देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक, तड़के से ही नदियाँ, जलाशय और शिव मंदिर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर विभिन्न राज्यों में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों और पौराणिक शिवालयों के कपाट तड़के ही भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिए गए।
देश के विभिन्न हिस्सों में जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन, हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ, उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ, उत्तराखंड के हरिद्वार व ऋषिकेश तथा झारखंड के देवघर स्थित मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी है। इसके अलावा, प्रयागराज के संगम क्षेत्र में भी भोर से ही ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ भक्ति का माहौल बना हुआ है।
प्रयागराज में त्रिवेणी के पवित्र तट पर श्रद्धालु स्नान करने के पश्चात भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित कर रहे हैं। वहीं, चित्रकूट स्थित रामघाट पर मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु महाराजाधिराज मतगजेन्द्र नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख शिवालयों पर दिल्ली पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रसिद्ध चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में तड़के दो बजे से ही भक्त पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहाँ मेटल डिटेक्टर और संदिग्ध वस्तुओं की जाँच हेतु विशेष मशीनें लगाई गई हैं। इस वर्ष गौरी शंकर मंदिर के गर्भगृह के बाहर क्यारियाँ बनाई गई हैं, जिससे भक्त सीधे जलाभिषेक न करके निर्धारित व्यवस्था के तहत जल अर्पित कर रहे हैं।
चांदनी चौक के बनखंडी मंदिर और कनॉट प्लेस स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश तथा निकास के पृथक मार्ग बनाए गए हैं। विश्वेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही रुद्राभिषेक का अनुष्ठान जारी है। सावन के इस पावन अवसर पर संपूर्ण राष्ट्र में देखा जा रहा यह दृश्य जन-आस्था और अगाध श्रद्धा का एक जीवंत प्रमाण है।



