एएफएचक्यू सिविलियन सेवा दिवस: रक्षा मंत्री ने सैन्य व प्रशासनिक एकीकरण और डिजिटल सुधारों पर दिया जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 85वें सशस्त्र सेना मुख्यालय (एएफएचक्यू) सिविलियन सेवा दिवस कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय के नागरिक और सैन्य विभागों के बीच आपसी तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिक और सैन्य सेवाएं अलग-अलग होकर काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि सैन्य कमान के व्यावहारिक युद्ध अनुभव और नागरिक प्रशासन की नीतिगत निरंतरता का मेल ही बेहतर निर्णय लेने की कुंजी है। राजनाथ सिंह ने दोनों कैडरों के बीच संस्थागत ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई ताकि दोनों तंत्र एक-दूसरे की कार्यप्रणाली से सीख सकें।

उभरती तकनीकी और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने एएफएचक्यू सिविलियन सेवा को केवल पारंपरिक नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित न रहकर रक्षा प्रबंधन का रणनीतिक केंद्र बनने की सलाह दी। उन्होंने साइबर युद्ध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक अधिकारियों को समर्पित साइबर उपकरण विकसित करने और भारतीय सैन्य इतिहास के अध्ययन के लिए नया दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी सशस्त्र बल की क्षमता के पीछे केवल अग्रिम मोर्चे के हथियार ही नहीं होते, बल्कि पृष्ठभूमि में काम करने वाले हजारों कर्मियों की अनदेखी मेहनत भी शामिल होती है। उन्होंने एएफएचक्यू सेवा को रक्षा ढांचे का एक मजबूत आधार स्तंभ बताते हुए अनुसंधान और नवोन्मेषी विचारों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

समारोह के दौरान रक्षा क्षेत्र में कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई डिजिटल प्रणालियों का उद्घाटन किया गया। इसमें आईबीएएमएस के तहत ‘rakshaawas.caomod.gov.in’ आवास पोर्टल, टीयूएलआईपी 2.0 के साथ दावों व वेतन-भत्तों से जुड़ी प्रक्रियाओं का एकीकरण और एसपीएआरआरओ पोर्टल की ऑनबोर्डिंग शामिल है। साथ ही, यात्रा वृत्तांतों, लेखों और कविताओं से समृद्ध ‘संवाद’ पत्रिका के 34वें अंक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (रक्षा वित्त) विश्वजीत सहाय, वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित और अन्य वरिष्ठ नागरिक व सैन्य अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि एएफएचक्यू कैडर का इतिहास 1 अगस्त 1942 से जुड़ा हुआ है और प्रतिवर्ष अगस्त के पहले दिन यह दिवस मनाया जाता है।

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