भारत और सिंगापुर ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की; केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से की मुलाकात

भारत के एक उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) के रोडमैप पर अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।
यह संवाद चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) के अंतर्गत आयोजित हुआ। इस बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया।
सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहयोग के छह चिन्हित क्षेत्रों में हुई प्रगति का विस्तृत विश्लेषण किया। इन क्षेत्रों में उन्नत विनिर्माण, संपर्क (कनेक्टिविटी), डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और संधारणीयता (स्थिरता) शामिल हैं। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों, डिजिटल ढांचे और कौशल संवर्धन को और गति देने के व्यावहारिक उपायों पर विचार किया।
इससे पूर्व, बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अधिक सुदृढ़ बनाने और वर्तमान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की।
इस यात्रा के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी परिसर का शिलान्यास भी किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने उल्लेख किया कि यह नया परिसर दोनों राष्ट्रों के द्विपक्षीय संबंधों के एक नए चरण को प्रदर्शित करेगा और वहां मौजूद भारतीय समुदाय को बेहतर सुविधाएं एवं सहयोग प्रदान करेगा।
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक दोनों देशों के बीच नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय करने वाला एक अहम मंच है। इस मंच की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद इसका दूसरा सत्र अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरा सत्र अगस्त 2025 में नई दिल्ली में संपन्न हुआ था।



