माउंट कामेट पर संयुक्त चढ़ाई के लिए भारत-अर्जेंटीना का सैन्य दल रवाना, 7,756 मीटर ऊंची चोटी पर साधेंगे तालमेल

नई दिल्ली: भारत और अर्जेंटीना के बढ़ते रक्षा सहयोग के तहत दोनों देशों के 35 सैनिकों के एक संयुक्त दल ने देश की तीसरी सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट कामेट’ पर विजय पाने के उद्देश्य से शुक्रवार को अपना अभियान शुरू किया।
इस साहसिक मिशन की शुरुआत राजधानी के मानेकशॉ सेंटर से हुई, जहां महानिदेशक (एकीकृत प्रशिक्षण) व आर्मी सर्विस कोर के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव ने दल को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी के हाथों में है, जिनके नेतृत्व में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना सेना के 10 सैनिक 7,756 मीटर ऊंची इस चोटी की ओर अग्रसर हुए हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माउंट कामेट पर चढ़ाई को भौगोलिक दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अत्यंत कम ऑक्सीजन वाले इस उच्च पर्वतीय क्षेत्र में बर्फ, विषम भूभाग और तेजी से बदलते मौसम के बीच जवानों को तालमेल बिठाना होगा। यह मिशन दोनों सेनाओं के जवानों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी पर्वतारोहण दक्षता और पारस्परिक समन्वय की कड़ी परीक्षा लेगा।
यह दोनों मित्र देशों के सैन्य इतिहास में तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दर्ज हो रहा है। इससे पहले दोनों सेनाओं ने जनवरी 2025 में अर्जेंटीना की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकोंकागुआ पर संयुक्त अभियान पूरा किया था। तत्पश्चात, अगस्त 2025 में लद्दाख स्थित 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन पर भी दोनों देशों के सैनिकों ने साझा सफलता हासिल की थी। अब यह नया अभियान दोनों सेनाओं के बीच बढ़ते सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव का प्रमाण है।
दल को रवाना करते समय लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव ने जोर देकर कहा कि ऐसे संयुक्त अभियानों से मित्र देशों की सेनाओं के बीच भरोसा, सौहार्द और पेशेवर समझ का दायरा और अधिक व्यापक होता है। उन्होंने सभी सैनिकों के सुरक्षित और सफल अभियान की कामना की। माउंट कामेट की यह बर्फीली चोटी दोनों देशों की सेनाओं के पराक्रम और प्रगाढ़ होती मित्रता की नई मिसाल पेश करेगी।


