चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मकानों के दामों में नरमी, सालाना बढ़त की रफ्तार पड़ गई धीमी

देश के प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों के मूल्यों में वृद्धि की वार्षिक रफ्तार जून तिमाही में मद्धिम पड़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से सोमवार को पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अखिल भारतीय स्तर पर मकानों की कीमतों में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो इससे ठीक पिछली तिमाही के 4.5 प्रतिशत से कम है।
केंद्रीय बैंक द्वारा संकलित ऑल-इंडिया हाउस प्राइस इंडेक्स (HPI) वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में 117.5 के स्तर पर आ गया। तुलनात्मक रूप से, वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम (चौथी) तिमाही में यह सूचकांक 116.2 पर था, जिससे तिमाही आधार पर इसमें 1.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 113.4 के स्तर पर रहा था।
रिजर्व बैंक ने बताया कि सालाना आधार पर दर्ज 3.6 प्रतिशत की यह वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के आंकड़ों के ठीक अनुरूप है। इस वृद्धि को समर्थन देने वाले प्रमुख शहरों में चंडीगढ़, जयपुर, कानपुर, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। इसके साथ ही, तिमाही आधार पर सूचकांक को 117.5 तक पहुंचाने में विशेष रूप से चंडीगढ़, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम के बाजारों ने अहम भूमिका निभाई।
यह सूचकांक देश के 18 बड़े शहरों के संपत्ति पंजीकरण कार्यालयों में दर्ज सौदों के आधार पर आकलित किया जाता है, जिसका आधार वर्ष 2022-23 निर्धारित है। इस अध्ययन के दायरे में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, कोच्चि, जयपुर, कानपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, नागपुर, चंडीगढ़, गाजियाबाद, ठाणे और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं।
ताजा रुझानों से पता चलता है कि चिन्हित शहरों में पंजीकृत आवासीय संपत्तियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले इस बार मूल्य वृद्धि की वार्षिक गति में कुछ ठहराव और नरमी देखी गई है।



