शेयर बाजार में मंगलवार को लौटी रौनक: निफ्टी 24,335 के पार, फार्मा और पीएसयू बैंक शेयरों में रही तेजी

घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में पिछले दिन के नुकसान की भरपाई करते हुए बढ़त दर्ज की। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बीच भारतीय इक्विटी सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की तेजी लेकर 77,656.09 के स्तर पर स्थिर हुआ। दूसरी तरफ, एनएसई निफ्टी 50 में 116 अंक (0.48 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई और यह 24,335.55 के स्तर पर बंद हुआ।
सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। सेंसेक्स अपने पूर्व बंद 77,369.11 के मुकाबले 73.61 अंक कमजोर होकर 77,295.49 पर खुला था, मगर बाद में सुधार के साथ 77,666.39 के इंट्रा-डे उच्च स्तर तक पहुंचा। निफ्टी 50 ने भी 24,219.05 के मुकाबले 43.29 अंक नीचे 24,175.75 पर शुरुआत की और बाद में 115.5 अंकों की छलांग लगाते हुए 24,334.55 के उच्चतम स्तर को छुआ।
कारोबार के दौरान सरकारी बैंकों और फार्मा कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। विस्तृत बाजार में रुझान बंटा हुआ रहा; निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.54 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की नरमी रही। सेक्टर्स की बात करें तो हेल्थकेयर, फार्मा और पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे आगे रहे, जबकि मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में कमजोरी देखी गई।
निफ्टी 50 के शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, इंफोसिस और इटरनल सर्वाधिक लाभ में रहे। वहीं, एचडीएफसी लाइफ, सिप्ला और ओएनजीसी में बिकवाली का दबाव देखा गया।
बाजार विश्लेषक अब इस हफ्ते जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों और फेड चेयर की टिप्पणियों का इंतजार कर रहे हैं ताकि ब्याज दरों की भविष्य की दिशा समझी जा सके। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव, बॉन्ड यील्ड तथा तेल की कीमतों के ऊंचे स्तर को देखते हुए निकट भविष्य में बाजार में सतर्कता बने रहने का अनुमान है।



