हैंडलूम कारोबार सांस्कृतिक विरासत की अहम पहचान बन गया है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर प्रदेशवासियों विशेषकर हथकरघा उद्योग से जुड़े नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने और बुनकरों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हथकरघा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ बुनकर समुदाय को सम्मानित करने और सामाजिक- आर्थिक विकास में उनके योगदान को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 7 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से हैंडलूम हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा और पहचान बन गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हैंडलूम वस्त्र के साथ -साथ सजावट का सामान भी बनाया जाता है। उन्होंने आमजनता से हथकरघा से बनी चीजें खरीदकर स्वदेशी को बढ़ावा देने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैंडलूम उद्योग में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, वहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक और मशीन के बढ़ते उपयोग के बावजूद मध्यप्रदेश के कपड़ों और उत्पादों को लगातार संरक्षण और लोकप्रियता मिल रही है। हथकरघा से निर्मित कपड़ों के आकर्षण, पेचीदगियों और प्रामाणिकता को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। मध्यप्रदेश की चंदेरी और महेश्वरी साड़ियाँ आज भी देश-विदेश में अपनी लोकप्रियता बनाए रखे हैं।

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