जबलपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने बरगी में पीड़ितों से की मुलाकात; लापरवाह अधिकारी निलंबित, जांच के लिए बनी कमेटी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्थानीय मीडिया से चर्चा में बताया कि लापरवाही बरतने वाले होटल मैनेजर और बोट क्लब प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि क्रूज़ स्टाफ की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और मंत्रियों की तत्परता की भी सराहना की जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे।
हादसे की जड़ तक जाने के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई है। यह समिति दुर्घटना के तकनीकी कारणों और संचालन संबंधी नियमों की बारीकी से जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि इस जांच के आधार पर ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए नजीर बने। साथ ही, जल पर्यटन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब नए सुरक्षा नियमों (SOP) को अनिवार्य बनाया जा रहा है।
बचाव अभियान पर संतोष व्यक्त करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि अब तक 28 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। उन्होंने बचाव कार्य में लगे श्रमिकों और जवानों की कर्मठता को देखते हुए उन्हें 51-51 हजार रुपए के प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पास में ही जल जीवन मिशन का कार्य चलने के कारण शुरुआती राहत कार्य तेजी से शुरू हो सके। सेना के गोताखोरों और आधुनिक संसाधनों की मदद से अभी भी लापता लोगों की खोज की जा रही है और क्रूज़ को किनारे तक लाया गया है।
वित्तीय राहत के तौर पर प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 6 लाख रुपए (2 लाख केंद्र और 4 लाख राज्य सरकार द्वारा) की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के निवास जाकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे इस विपदा में अकेले नहीं हैं। अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि सुरक्षा की दृष्टि से मौसम विभाग द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करना अनिवार्य है, ताकि ऐसे दु:खद हादसों से बचा जा सके।



