किसानों को सुगमता से मिल रहा खाद-बीज

अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.83 लाख क्विंटल बीज का हो चुका वितरण

   रायपुर, 22 अगस्त 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 12 लाख मीट्रिक टन खाद जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत वितरित हो चुका है। इसी प्रकार किसानों को 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 90 प्रतिशत है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 46.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 95 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है।
*किसानों को लक्ष्य का 88 प्रतिशत रासायनिक खाद वितरित*
*अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद का हो चुका वितरण*
रायपुर, 22 अगस्त 2024/ प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 21 अगस्त 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 5 लाख 81 हजार 342 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 62 हजार 207 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 51 हजार 259 मीट्रिक टन एनपीके, 50 हजार 431 मीट्रिक टन पोटाश तथा एक लाख 52 हजार 664 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है।
चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 15.24 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
*किसानों को 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित*
*मांग का 90 प्रतिशत बीज का हो चुका है वितरण*
रायपुर, 22 अगस्त 2024/ प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सरकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 83 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 90 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 90 प्रतिशत है।
*राज्य में लक्ष्य का 95 प्रतिशत बोनी पूर्ण*
रायपुर, 22 अगस्त 2024/ चालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 95 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 46.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है।
*राज्य में अब तक 820.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज*
रायपुर, 22 अगस्त 2024/राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 820.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 22 अगस्त 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1740.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 456.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है।
*प्रदेश के किसानों को मिला 6281 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण*
रायपुर, 22 अगस्त 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 6281 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 6 हजार 193 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए हैं। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। इससे किसानों को प्रारंभिक और खेती-किसानी की जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button