भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने दूसरी पीढ़ी के नौवहन उपग्रह एनवीएस-02 को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर रचा इतिहास

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने दूसरी पीढ़ी के नौवहन उपग्रह एनवीएस-02 को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर श्रीहरिकोटा से मिशन लाॅन्च करने का पहला शतक पूरा कर लिया। वर्ष 1979 में पहले प्रक्षेपण के बाद 100 का आंकड़ा छूने में इसरो को 46 साल लग गए। इसरो ने कहा है कि अगले 100 मिशन लाॅन्च करने का लक्ष्य केवल 5 साल में पूरा होगा।मिशन की सफलता के बाद बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए इसरो के नव नियुक्त अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा कि इसरो ने अब तक प्रक्षेपणयानों की छह पीढियां विकसित की। इसमें से पहली पीढ़ी का प्रक्षेपणयान सतीश धवन के नेतृत्व में विकसित किया गया जिसके परियोजना निदेशक पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम थे। तब से लेकर अब तक 46 वर्षों में 100 मिशन लाॅन्च हुए और इसरो ने 548 उपग्रहों को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। इनमें से 433 विदेशी उपग्रह भी शामिल हैं। इसरो ने अभी तक 120 टन पे-लोड अंतरिक्ष में पहुंचाया है जिनमें से 23 टन विदेशी पे-लोड है। कई महत्वपूर्ण मिशन लांच हुए जिनमें तीन चंद्रयान मिशन, मंगल और सूर्य मिशन आदि शामिल हैं।

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