वैश्विक योग दिवस पर सुरक्षा बलों का अनूठा प्रदर्शन, पैंगोंग झील से लेकर नौसेना की पनडुब्बियों तक जवानों ने सांधा योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज देश के कोने-कोने में व्यापक स्तर पर योगाभ्यास सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय नौसेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। लद्दाख की 14,000 फीट ऊंची पहाड़ियों से लेकर महासागर के भीतर तक जवानों ने योग कर देश को सेहत और अनुशासन का संदेश दिया। इस वर्ष के कार्यक्रमों को विशेष रूप से ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ की अवधारणा पर केंद्रित किया गया, जिसका उद्देश्य बलों की कार्यक्षमता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
भारतीय नौसेना ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि शांत मन, सुदृढ़ शरीर और कर्तव्य के प्रति समर्पण ही उनकी पहचान है। नौसेना ने इस साल की विशेष थीम को अपनी वाहिनी में लागू किया है, ताकि एक दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रक्षा बल की नींव को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
नौसेना के इस अनूठे प्रयास पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि समुद्र की असीम गहराइयों में पनडुब्बी योद्धाओं द्वारा योग करना बेहद गौरवपूर्ण है। यह सुदूर क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में भी आत्मबल, दृढ़ संकल्प और भारतीय संस्कारों को सहेजने की उनकी अद्भुत क्षमता को प्रदर्शित करता है।
इसी क्रम में, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने भी बेहतर कल की नींव रखने के उद्देश्य से सामूहिक रूप से योग किया। राजधानी नई दिल्ली के एसडीजी कैंप में आयोजित विशेष सत्र के दौरान सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) जीपी सिंह और बल के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने स्वयं आसन किए। बल की ओर से कहा गया कि जीवन के प्रत्येक चरण में स्वास्थ्य और गतिशीलता बनाए रखने का यह प्रयास सभी के लिए प्रेरणादायक है, जो इस वर्ष की थीम के पूरी तरह अनुकूल है।
उधर, चीन सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने लद्दाख के लेह क्षेत्र में स्थित पैंगोंग त्सो के तट पर योग सत्र आयोजित किया। लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान के बीच आईटीबीपी की 47वीं बटालियन के हिमवीरों ने योगासनों के जरिए अपनी फिटनेस, मानसिक सहनशक्ति और आंतरिक ऊर्जा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कार्मिकों ने भी इस अभियान को पूरे उत्साह से आगे बढ़ाया। सीआईएसएफ ने कहा कि सीमाओं और बंधनों से परे योग संपूर्ण वैश्विक कल्याण और आंतरिक शक्ति को निखारने का जरिया है। बल ने स्पष्ट किया कि उनके कर्मियों के लिए योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है, जो देश की सेवा में तैनात जवानों के मानसिक संतुलन, शारीरिक दक्षता और पेशेवर कर्तव्यपरायणता को बनाए रखने में मदद करता है।



