भारतीय नौसेना को मिला पहला एंटी-सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘माहे’

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि ने आठ एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी) की श्रृंखला में पहला पोत ‘माहे’ 23 अक्टूबर, 2025 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया।
पुडुचेरी के ऐतिहासिक बंदरगाह के नाम पर यह स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित ‘माहे’ नौसेना पोत निर्माण में देश की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
लगभग 78 मीटर लंबा और 1,100 टन विस्थापन वाला यह पोत तटीय निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और उन्नत बारूदी सुरंग बिछाने के लिए सुसज्जित है। ‘माहे’ टॉरपीडो, बहुक्रियाशील पनडुब्बी रोधी रॉकेट, और उन्नत रडार व सोनार से लैस है, जो जल के अंदर युद्ध में इसकी क्षमता को बढ़ाता है।
80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ ‘माहे’ का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना की एएसडब्ल्यू क्षमता को मजबूत करेगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।



