जल जीवन मिशन: 15.72 करोड़ घरों तक नल का पानी, ग्रामीण भारत में सबसे तेज़ बुनियादी ढाँचा विस्तार

26 अक्टूबर 2025

भारत के जल जीवन मिशन (JJM) ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ नल का पानी पहुँचाने में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब 15.72 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों (81% से ज़्यादा) को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है।

प्रमुख सफलताएँ:

मुख्य आँकड़ा विवरण
विस्तार की गति मिशन की शुरुआत (अगस्त 2019) में सिर्फ 3.23 करोड़ घरों में नल का पानी था। पिछले छह वर्षों में 12.48 करोड़ अतिरिक्त घरों को जोड़ा गया है, जो भारत के सबसे तेज़ बुनियादी ढाँचे के विस्तारों में से एक है।
वित्तीय परिव्यय केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को ₹2,08,652 करोड़ की सहायता स्वीकृत की है।
मानव विकास प्रभाव (WHO) सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था से डायरिया से होने वाली 4 लाख मौतों को टाला जा सकता है और 1.4 करोड़ DALY (दिव्यांगता-समायोजित जीवन वर्ष) को रोका जा सकता है। इससे ₹8.2 लाख करोड़ तक स्वास्थ्य लागत में बचत होगी।
महिलाओं को राहत नल कनेक्शन से प्रतिदिन 5.5 करोड़ घंटों की बचत होगी, जिसका तीन-चौथाई बोझ महिलाओं पर पड़ता था। 9 करोड़ महिलाओं को अब पानी लाने की ज़रूरत नहीं है (SBI रिसर्च)।
रोज़गार और कौशल मिशन में 3 करोड़ व्यक्ति-वर्ष रोज़गार सृजित करने की क्षमता है। 25 लाख से अधिक महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण (FTK) का प्रशिक्षण दिया गया है।

कवरेज और गुणवत्ता आश्वासन:

  • पूर्ण कवरेज: 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (गोवा, हरियाणा, तेलंगाना, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, पुडुचेरी) ने 100% ग्रामीण नल जल कनेक्टिविटी हासिल कर ली है।
  • संस्थागत कवरेज: 9.23 लाख स्कूलों और 9.66 लाख आँगनवाड़ी केंद्रों में नल का पानी सुनिश्चित किया गया है।
  • जल परीक्षण: 2,843 प्रयोगशालाओं ने 2025-26 में 38.78 लाख जल नमूनों का परीक्षण किया है, जिसमें समुदाय-संचालित 24.80 लाख महिला ‘जल मित्रों’ का योगदान है।

प्रौद्योगिकी और स्थिरता:

मिशन स्थिरता (वर्षा जल संचयन, ग्रे जल प्रबंधन) और सामुदायिक भागीदारी पर ज़ोर देता है। जल शक्ति मंत्रालय डिजिटल शासन को बढ़ावा दे रहा है। जल्द ही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं (RPWSS) को विशिष्ट ID दी जाएगी और उन्हें GIS मैपिंग तथा पीएम गति शक्ति से जोड़ा जाएगा, जिससे जल सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होगी।

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