वाराणसी से 4 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू: पीएम मोदी ने कहा – ये भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज (08 NOV 2025) वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल भारत के आधुनिक रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • शुरुआत: वाराणसी से चार नई वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ।
  • कुल संख्या: इन चार ट्रेनों के साथ, देश में वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या अब 160 से अधिक हो गई है।
  • नई ट्रेनें:
    1. बनारस-खजुराहो वंदे भारत
    2. फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत
    3. लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत
    4. एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत

प्रधानमंत्री के मुख्य वक्तव्य:

  • रेलवे की नींव: प्रधानमंत्री ने कहा, “वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं।”
  • विकसित भारत: उन्होंने इन ट्रेनों को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की यात्रा में मील का पत्थर बताया।
  • आस्था और विकास का संगम: प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब पवित्र तीर्थस्थल वंदे भारत नेटवर्क से जोड़े जा रहे हैं, जो भारत की संस्कृति, आस्था और विकास यात्रा का संगम है।
  • तीर्थयात्रा का आर्थिक प्रभाव: पिछले 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश में तीर्थयात्रा एक प्रमुख आर्थिक चालक बन गई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद 6 करोड़ से अधिक और पिछले वर्ष 11 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आए, जिससे अर्थव्यवस्था में हजारों करोड़ रुपये का योगदान हुआ।
  • वाराणसी का विकास: शहर में अस्पतालों (जैसे महामना कैंसर अस्पताल, शंकर नेत्रालय), सड़कों, गैस पाइपलाइन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और खेल बुनियादी ढांचे का निरंतर विकास हो रहा है।

ट्रेनों से होने वाला लाभ:

ट्रेन का नाम यात्रा समय बचत (लगभग) मुख्य लाभ
बनारस-खजुराहो 2 घंटे 40 मिनट वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो (UNESCO विश्व धरोहर) को जोड़ेगी।
लखनऊ-सहारनपुर 1 घंटा लखनऊ, सहारनपुर और रुड़की होते हुए हरिद्वार तक पहुँच में सुधार।
फिरोजपुर-दिल्ली सबसे तेज़ ट्रेन (6 घंटे 40 मिनट) राष्ट्रीय राजधानी को पंजाब के फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला से जोड़ेगी; सीमावर्ती क्षेत्रों को लाभ।
एर्नाकुलम-बेंगलुरु 2 घंटे से अधिक प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच सहयोग बढ़ेगा।

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