ट्रम्प के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणा-पत्र मंजूर; मोदी ने पेश किए 3 अहम प्रस्ताव

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के दिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अनुपस्थिति (बायकॉट) के बावजूद, सभी सदस्य देशों ने मेज़बान देश द्वारा तैयार अंतिम घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंज़ूरी दे दी। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने ज़ोर देकर कहा कि भले ही अमेरिका शामिल न हुआ हो, सभी देशों की सहमति आवश्यक थी। रामफोसा आज G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे, क्योंकि 2026 की मेज़बानी अमेरिका को मिलनी है, लेकिन ट्रम्प के बायकॉट के चलते कोई अमेरिकी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।

मोदी का संबोधन: विकास मॉडल में बदलाव और नई पहलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन के पहले दो सत्रों को संबोधित किया। पहले सत्र में, उन्होंने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर पुनर्विचार करने की अपील की, यह कहते हुए कि इस मॉडल ने संसाधनों को छीना है और इसे बदलना अनिवार्य है। दूसरे सत्र में, पीएम मोदी ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, G20 सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे विषयों पर बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने तीन महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तुत कीं:

  • वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार: दुनिया के लोक ज्ञान, पारंपरिक चिकित्सा और सामुदायिक प्रथाओं को एकजुट करने का लक्ष्य।

  • अफ्रीका स्किल इनिशिएटिव: अफ्रीकी युवाओं के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और नए रोज़गार के अवसर बढ़ाना।

  • ड्रग–टेरर नेक्सस के खिलाफ पहल: यह पहल ड्रग तस्करी, अवैध पैसों के नेटवर्क और आतंकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए सदस्य देशों के वित्तीय, सुरक्षा और शासन तंत्र को एकजुट करेगी।

इस सम्मेलन में, दिल्ली (2023) के 18वें G20 घोषणा-पत्र की सराहना की गई और महिला सशक्तिकरण व जलवायु परिवर्तन फंड जैसे बिंदुओं की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का विस्तार कर भारत को भी जगह देने का प्रस्ताव पारित हुआ।

दक्षिण अफ्रीका में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर विरोध प्रदर्शन

 

G20 सम्मेलन से ठीक पहले, दक्षिण अफ्रीका में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के विरोध में बड़े प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों के लगातार दबाव के बाद, सरकार ने महिलाओं पर अत्याचार को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया। विरोध में महिलाओं ने काले कपड़े पहनकर 15 मिनट तक ज़मीन पर लेटकर प्रदर्शन किया, क्योंकि देश में प्रतिदिन लगभग 15 महिलाओं की हत्या होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button