संसद का शीतकालीन सत्र कल से: सर्वदलीय बैठक में 14 विधायी कार्यों पर बनी सहमति; सहयोग का आश्वासन

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर, 2025 से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले, आज (30 नवंबर) रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक हुई, जिसका आयोजन संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने किया था। सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा, विधि राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे।
सत्र का कार्यक्रम: संसदीय कार्य मंत्री श्री रिजिजू ने बताया कि सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी।
एजेंडा पर चर्चा: सरकार ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले 14 विधायी और अन्य कार्यों की अस्थायी सूची साझा की। श्री रिजिजू ने नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार दोनों सदनों के नियमों के तहत किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। विभिन्न दलों के नेताओं ने सत्र में उठाए जाने वाले अपने संभावित मुद्दों पर विचार रखे और सत्र को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रमुख विधेयक जो सत्र में पेश होंगे: सत्र के दौरान जन विश्वास विधेयक, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता संशोधन विधेयक, मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक (अध्यादेश का स्थान लेने के लिए), निरसन और संशोधन विधेयक, परमाणु ऊर्जा विधेयक, और बीमा कानून संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं। वित्तीय कार्यों में वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों का प्रथम बैच भी शामिल है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने सक्रिय भागीदारी के लिए सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया।



