मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगी: पुत्र का विवाह 21 जोड़ों के सामूहिक समारोह में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सामाजिक समरसता और सादगी का परिचय देते हुए अपने छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु का विवाह डॉ. इशिता के साथ एक सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न कराया।
मुख्य आकर्षण और पहल:
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सादगी की मिसाल: मुख्यमंत्री ने शादियों में होने वाले अपव्यय को रोकने की प्रेरणा देते हुए अपने पुत्र का पाणिग्रहण संस्कार सामूहिक विवाह में कराया।
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समानता का संदेश: एक ही पंडाल में मुख्यमंत्री के पुत्र के साथ जन-सामान्य के 20 अन्य जोड़ों का विवाह हुआ, जिसने “सबका साथ-सबका विकास” की भावना को जीवंत किया।
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योग गुरु का संचालन: 21 जोड़ों के इस समारोह का संचालन योग गुरु स्वामी रामदेव ने किया, जिन्होंने इसे ‘डिवाइन मैरिज’ बताया और मुख्यमंत्री की पहल को प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए अनुकरणीय करार दिया।
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सामाजिक समरसता: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।
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संतों का प्रोत्साहन: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देने की बात कही। अखाड़ा परिषद के महंतों ने सभी 21 नव-दंपतियों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।
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जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति: कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई नेताओं ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
विवाहित जोड़े: इस अवसर पर डॉ. अभिमन्यु यादव-डॉ. ईशिता पटेल समेत कुल 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जिनमें सभी वर्गों के नव-दंपति शामिल थे।



