अन्नदाता से ऊर्जादाता: केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कैसे बायो-बिटुमेन बदलेगा ग्रामीण भारत की तस्वीर

केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने रेखांकित किया कि बायो-बिटुमेन तकनीक केवल एक वैज्ञानिक खोज नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का एक साधन है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ-हरित भविष्य की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया।

पायरोलिसिस तकनीक का महत्व: इस तकनीक के माध्यम से कृषि अवशेषों को रासायनिक प्रक्रियाओं (पायरोलिसिस) द्वारा बायो-बिटुमेन में बदला जाता है। यह नवाचार तीन प्रमुख लक्ष्यों को एक साथ साधता है:

  1. आत्मनिर्भरता: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना।

  2. पर्यावरण संरक्षण: कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण को नियंत्रित करना।

  3. सामाजिक विकास: किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाना।

श्री गडकरी ने विश्वास जताया कि यह ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल भविष्य में भारतीय सड़क अवसंरचना की रीढ़ बनेगा और वैश्विक मंच पर भारत की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेगा।

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