भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमता में इजाफा: एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट कंबस्टर का दीर्घावधि परीक्षण सफल

नई दिल्ली/हैदराबाद: डीआरडीओ ने भविष्य की मिसाइल तकनीक के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से यानी ‘सुपरसोनिक कंबशन’ पर अपनी पकड़ साबित कर दी है। हाल ही में किए गए 12 मिनट के सफल रन टाइम परीक्षण ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ‘एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट कंबस्टर’ लंबी दूरी की हाइपरसोनिक उड़ानों के लिए तैयार है।
हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक (6,100 किमी/घंटा से ज्यादा) रफ़्तार से उड़ती हैं। इतनी उच्च गति पर इंजन में ईंधन का दहन (combustion) बनाए रखना और अत्यधिक तापमान को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होती है, जिसे इस ‘एक्टिवली कूल्ड’ तकनीक के माध्यम से हल किया गया है। डीआरडीएल द्वारा डिजाइन किए गए इस कंबस्टर और एससीपीटी (SCPT) टेस्ट केंद्र की क्षमताओं का इस परीक्षण के जरिए पूर्ण सत्यापन हो गया है। इस परियोजना में निजी उद्योग और शिक्षाविदों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।



