‘विकसित भारत’ के शिल्पकारों को गणतंत्र दिवस का न्यौता: वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं का लगेगा मेला

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत अपनी तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति का जश्न मनाएगा। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में विशेष अतिथि के रूप में इसरो (ISRO) और डीआरडीओ (DRDO) के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों को स्थान दिया गया है। इनके साथ ही सेमीकॉन इंडिया, नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और बायो-E3 नीति के अंतर्गत बेहतर काम करने वाले स्टार्टअप्स और उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया है।
नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अटल टिंकरिंग लैब के होनहार छात्रों, डीप ओशन मिशन के शोधकर्ताओं और पेटेंट धारकों को भी इस ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने के लिए बुलाया है। इनके साथ ही पंचायतों के उन सरपंचों को भी आमंत्रित किया गया है जिन्होंने सरकारी योजनाओं को पूरी तरह से (Saturation) जमीन पर उतारा है। यह समावेशी सूची भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतिनिधित्व करती है।



