विचारधारा की जीत: अमित शाह ने बताया कैसे सुशासन ने बदला छत्तीसगढ़ का स्वरूप

रायपुर: ‘ऑर्गेनाइज़र’ के माध्यम से भारतीय मूल विचारों की निर्भीकता पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने शासन में ‘आइडियोलॉजी’ (विचारधारा) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिना विचारधारा के कोई भी दल देश का भला नहीं कर सकता।
अटल जी बनाम विपक्ष का मॉडल शाह ने तुलना करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड का गठन शांतिपूर्ण ढंग से किया, जबकि विपक्ष के समय तेलंगाना गठन के दौरान भारी कटुता देखी गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि में खनिज संपदा की बड़ी भूमिका होती, यदि बस्तर माओवादी हिंसा की चपेट में न आता।
समर्पण की अपील गृह मंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं है। जो नक्सली हथियार डालेंगे, उनका रेड कारपेट बिछाकर स्वागत होगा।” उन्होंने विशेष रूप से हथियार उठाने वाली युवतियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की, ताकि वे एक बेहतर भविष्य जी सकें।


