जनवरी में 1.81% रही थोक महंगाई दर, रिटेल इन्फ्लेशन में भी 2.75% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) द्वारा 16 फरवरी को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की थोक महंगाई दर (WPI) में बड़ा उछाल देखने को मिला है। जनवरी महीने में थोक महंगाई बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है, जो पिछले 10 महीनों में सबसे अधिक है। इससे पहले दिसंबर में यह आंकड़ा 0.83% पर था।

इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण रोजाना की जरूरत वाले सामान (प्राइमरी आर्टिकल्स) और खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि है। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में यह दर 2.05% के स्तर पर थी। रिपोर्ट के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी महंगाई 1.82% से बढ़कर 2.86% हो गई है।

बाजार में बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में थोक महंगाई के साथ-साथ खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में भी तेजी आई है।

सेक्टरवार महंगाई के आंकड़े:

  • प्राइमरी आर्टिकल्स: इसमें सबसे बड़ी छलांग देखी गई है, जो 0.21% से सीधे 2.21% पर पहुंच गई है।

  • फूड इंडेक्स: खाने-पीने की चीजों की दर जो पहले माइनस में (-0.43%) थी, अब बढ़कर 1.55% हो गई है।

  • ईंधन और बिजली: राहत की बात केवल यहाँ रही, जहाँ महंगाई दर -2.31% से घटकर -4.01% रह गई है।

  • खुदरा महंगाई का दबाव: खुदरा महंगाई भी 8 महीनों के उच्चतम स्तर पर है। जनवरी में यह 2.75% रही, जबकि दिसंबर में यह मात्र 1.33% थी।

WPI का गणित: थोक महंगाई को तीन मुख्य हिस्सों में मापा जाता है। इसमें ‘मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स’ का वजन सबसे ज्यादा 64.23% है। इसके बाद ‘प्राइमरी आर्टिकल्स’ (22.62%) और ‘फ्यूल एंड पावर’ (13.15%) का स्थान आता है।

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