वर्ष 2026 होगा भारत-यूरोप संबंधों का टर्निंग पॉइंट: पीएम मोदी और मैक्रों ने लॉन्च किया ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त बयान में वर्ष 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया। हाल ही में हुए महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि इससे भारत और फ्रांस के बीच व्यापार और मोबिलिटी को नई ऊर्जा मिलेगी।
इनोवेशन और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल:
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ईयर ऑफ इनोवेशन: स्टार्टअप्स, MSMEs और शोधकर्ताओं को जोड़ने के लिए ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ की शुरुआत की गई है।
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नए संस्थान: डिजिटल साइंस, हेल्थ (AI आधारित) और एरोनॉटिक्स स्किलिंग के लिए तीन नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ लॉन्च किए जा रहे हैं।
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क्रिटिकल टेक्नोलॉजी: दोनों देश अब क्रिटिकल मिनरल्स, बायोटेक और एडवांस्ड मैटेरियल्स के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे।
वैश्विक अनिश्चितता और युद्ध के दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस की साझेदारी को दुनिया के लिए स्थिरता की शक्ति (Force for Global Stability) करार दिया है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ प्रेस वार्ता में उन्होंने यूक्रेन, पश्चिमी एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों में शांति प्रयासों का समर्थन करने और आतंकवाद को जड़ से मिटाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सेतु:
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सांस्कृतिक केंद्र: फ्रांस में भारतीय संस्कृति के प्रचार के लिए जल्द ही ‘स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर’ खोला जाएगा।
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विरासत का संरक्षण: भारत के ‘युगे युगीन भारत म्यूजियम’ और लोथल स्थित ‘नेशनल मैरिटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स’ के विकास में फ्रांस तकनीकी सहयोग करेगा।
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वैश्विक सुधार: दोनों नेताओं ने ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस (जैसे UN) में सुधार की वकालत की ताकि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का ठोस समाधान निकाला जा सके।


