मौसम अपडेट :

त्तर भारत में बारिश से लुढ़का पारा, पहाड़ों पर बर्फबारी से हाईवे बंद; मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच ‘ग्रीन नेट’ का सहारा
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए विशेष बुलेटिन जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार, ओडिशा, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है।
अधिकारियों ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है, क्योंकि हाल ही में सिक्किम और ओडिशा में हुई मौतें इन्हीं कारणों से हुई हैं। पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर और झुंझुनूं जैसे जिलों में चार दिनों तक आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के संयुक्त प्रभाव के कारण हो रहा है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से उत्तर और मध्य भारत के मौसम में विरोधाभासी स्थितियां देखी जा रही हैं। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में रविवार को हुई हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। पंजाब के अमृतसर में तापमान सामान्य से 4 डिग्री गिरकर 21.8°C पर पहुँच गया।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों का हाल:
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हिमालयी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है, जिसके कारण सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ा है। इन क्षेत्रों में 21 मार्च तक बर्फबारी जारी रहने के आसार हैं।
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राजस्थान: मरुधरा में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। हनुमानगढ़ में कड़ी धूप के बीच ओले गिरने की दुर्लभ घटना दर्ज की गई, जिससे पारा 3 डिग्री तक गिर गया।
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मध्य प्रदेश: जहाँ उत्तर भारत में ठंडक बढ़ी है, वहीं एमपी में अगले दो दिन भीषण गर्मी का अनुमान है। भोपाल में लोग घरों को ठंडा रखने के लिए ‘ग्रीन नेट’ का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, 18 और 19 मार्च को यहाँ भी बारिश की संभावना जताई गई है।



