रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति के लिए केंद्र का ‘प्रायोरिटी डॉकिंग’ आदेश; वडीनार पहुँचा ‘नंदा देवी’

देश भर में खाना पकाने की गैस (LPG) की कमी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को ‘नंदा देवी’ जहाज वडीनार बंदरगाह पर डॉक हुआ। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के कड़े निर्देशों के बाद अब एलपीजी जहाजों को बंदरगाहों पर ‘प्रायोरिटी बर्थिंग’ (प्राथमिकता के आधार पर लंगर डालना) दी जा रही है।
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का सर्कुलर कांडला बंदरगाह और दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण ने जहाज एजेंटों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि एलपीजी जहाजों की अनलोडिंग में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्रालय का उद्देश्य वितरण शृंखला में आने वाली बाधाओं को न्यूनतम करना है। सोमवार को मुंद्रा पहुँचे ‘शिवालिक’ के लिए भी अधिकारियों ने पहले से ही डॉक्यूमेंटेशन और डॉकिंग की विशेष व्यवस्था की थी, ताकि समय नष्ट न हो।
आयात पर निर्भरता और आपूर्ति प्रबंधन भारत अपनी घरेलू और औद्योगिक ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है। अधिकारियों के अनुसार, ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ जैसे जहाजों का समय पर पहुँचना बाजार में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। ये कदम सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस की किल्लत से बचाने के लिए उठाए जा रहे हैं।



