हाई-टेक हुई देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली: ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ और जोखिम आधारित निरीक्षण से मिलावट पर लगाम
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) अब आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के जरिए मिलावट के खिलाफ जंग लड़ रहा है। सरकार ने देशभर में ‘जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली’ लागू की है, जिसके तहत उच्च जोखिम वाली खाद्य इकाइयों का हर साल अनिवार्य निरीक्षण किया जाता है। पिछले तीन वर्षों में इस प्रणाली के तहत 56,259 सफल निरीक्षण किए गए हैं।
लैब नेटवर्क का विस्तार खाद्य परीक्षण को गति देने के लिए देश में 252 परीक्षण प्रयोगशालाओं और 24 रेफरल प्रयोगशालाओं का जाल बिछाया गया है। त्वरित जांच के लिए “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” (मोबाइल लैब्स) की भूमिका अहम रही है। वर्तमान में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 305 ऐसी चलती-फिरती प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं, जो मौके पर ही शुद्धता की जांच कर सकती हैं। इसके साथ ही सरकार राज्यों को तकनीकी सहायता और अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए भी वित्तीय मदद प्रदान कर रही है।



