धार रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार: जानें क्या है टॉवर वैगन टेस्ट और कब तक शुरू होगी ट्रेन?

मध्य प्रदेश की एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना, इंदौर-धार लाइन, अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इंदौर-राऊ-पीथमपुर होते हुए धार तक ट्रैक और बिजलीकरण का अधिकांश कार्य संपन्न हो चुका है। अब बारी सुरक्षा और तकनीकी सटीकता को परखने की है।

टॉवर वैगन का महत्व: रेलवे के इस विशेष स्व-चालित डीजल-इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग मुख्य रूप से ओवरहेड तारों की जांच के लिए किया जाता है। 25 मार्च को होने वाला यह टेस्ट यह सुनिश्चित करेगा कि बिजली आपूर्ति में कोई बाधा तो नहीं है। किसी भी नए रूट पर यात्री ट्रेन चलाने से पहले यह एक अनिवार्य सुरक्षा मानक है।

परियोजना की वर्तमान स्थिति: वर्तमान में ओएचई (OHE) का काम अंतिम दौर में है। यदि टॉवर वैगन और आगामी इंजन ट्रायल सफल रहते हैं, तो सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। धार के लोगों के लिए यह कनेक्टिविटी आर्थिक और सामाजिक रूप से गेम-चेंजर साबित होगी।


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