चुनाव आयोग की सख्त चेतावनी: मतदान केंद्रों पर सुविधाओं में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त; मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

15 मार्च को चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद, भारतीय निर्वाचन आयोग अब जमीनी स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों पर दी जाने वाली एएमएफ (AMF) और अन्य सुविधाएं वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मतदान की तारीख से पहले 2.18 लाख से अधिक बूथों पर स्टैंडर्ड वोटिंग कम्पार्टमेंट और सही साइनेज (दिशा-निर्देश बोर्ड) सुनिश्चित किए जाएं।

आयोग ने इन व्यवस्थाओं की सख्त निगरानी करने की बात कही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी केंद्र पर संसाधनों की कमी न हो। चुनाव आयोग का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सही जानकारी मिलने से न केवल मतदान प्रतिशत बढ़ेगा, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में आम आदमी का भरोसा भी और मजबूत होगा।

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