शेयर बाज़ार अपडेट :

आज 23 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स लगभग 1,800 अंक यानी 2.50% गिरकर 72,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 600 अंक यानी 2.60% टूटकर 22,500 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो, मेटल और FMCG सेक्टर के शेयरों में देखा जा रहा है।
बाजार में इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पहला, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, जो बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। तीसरा, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई इंडेक्स 3.35% गिरकर 51,582 पर कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.62% टूटकर 5,456 पर आ गया है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 3.37% गिरकर 24,424 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 2.29% गिरकर 3,866 पर कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी बाजारों में भी 20 मार्च को गिरावट देखी गई थी। डाउ जोन्स 443 अंक यानी 0.96% गिरकर 45,577 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.01% गिरकर 21,647 पर और S&P 500 इंडेक्स 100 अंक यानी 1.51% गिरकर 6,506 पर बंद हुआ।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि इंडियन बास्केट की कीमतें 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं।
रुपया भी दबाव में है और डॉलर के मुकाबले 33 पैसे गिरकर 93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह गिरावट खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर मानी जा रही है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 20 मार्च को ₹5,518 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹5,706 करोड़ की खरीदारी की। मार्च महीने में अब तक FIIs ₹86,780 करोड़ निकाल चुके हैं, जबकि DIIs ने ₹101,168 करोड़ का निवेश किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 20 मार्च को बाजार में तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 325 अंक चढ़कर 74,532 पर और निफ्टी 112 अंक बढ़कर 23,114 पर बंद हुआ था।



