पश्चिम एशिया की स्थिति पर केंद्र सतर्क, राजनाथ सिंह ने आईजीओएम की पहली बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह (आईजीओएम) की पहली बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती स्थिति पर नजर रखने और उसके प्रभावों से निपटने के लिए सक्रिय रणनीतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
कर्तव्य भवन-2 में आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए, जिनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, विद्युत मंत्री मनोहर लाल, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा, उपभोक्ता मामले मंत्री प्रहलाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल थे।
बैठक के दौरान, सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों (ईजीओएस) ने वर्तमान स्थिति और उसके विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों को लेकर प्रस्तुतियां दीं। रक्षा मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने, आपसी समन्वय बढ़ाने और दूरदर्शी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी नीतिगत कदम समयबद्ध और समन्वित तरीके से लागू किए जाएं, ताकि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहे। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों से रचनात्मक सुझाव देने का भी आग्रह किया।
आईजीओएम ने राज्यों और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंचे। इसके लिए मंत्रालयों को एमआईबी व्हाट्सएप चैनल के जरिए अपडेट साझा करने को कहा गया, ताकि अफवाहों और फर्जी खबरों पर रोक लगाई जा सके।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



