शेयर बाज़ार अपडेट :

घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त अस्थिरता देखी जा रही है और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक बड़े घाटे के साथ कारोबार कर रहे हैं। आज 30 अप्रैल को सेंसेक्स में 1000 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 76,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। निफ्टी में भी लगभग 350 अंकों की गिरावट आई है और यह फिसलकर 23,800 के पास पहुँच गया है। आज के कारोबार में विशेष रूप से रियल्टी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के बाद पैदा होने वाले महंगाई के खतरे ने निवेशकों को डरा दिया है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन में व्यवधान आने की आशंका है। इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड की कीमतों का 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलना भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात महंगा होगा और महंगाई पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है। यह 2022 के बाद कच्चे तेल का उच्चतम स्तर है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेत भी उत्साहजनक नहीं हैं। एशियाई बाजारों में जापान के निक्केई और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 1 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी देखी गई। अमेरिकी बाजार में भी पिछले सत्र के दौरान डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक बाजारों की इस कमजोरी का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिखाई दे रहा है।
बाजार का यह रुख पिछले कारोबारी सत्र के ठीक विपरीत है। कल यानी 29 अप्रैल को बाजार में काफी रौनक थी, जहाँ सेंसेक्स 609 अंकों की उछाल के साथ 77,496 पर और निफ्टी 182 अंक बढ़कर 24,178 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, आज कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और जियोपॉलिटिकल चिंताओं ने बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है और निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। विशेष रूप से तेल आपूर्ति के मुख्य मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया है।



