मौसम अपडेट :

भारत के विभिन्न हिस्सों में इस समय मौसम के विरोधाभासी तेवर देखने को मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटों में जहां मैदानी इलाके भीषण गर्मी से तप रहे हैं, वहीं कई राज्यों में आंधी और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पारा 43 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के भोपाल और सीधी में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में भीषण गर्मी का असर देखा गया।
उत्तर प्रदेश में आए भीषण तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जहां सुल्तानपुर सहित विभिन्न जिलों में कुल 13 लोगों की मौत हो गई। बिहार में भी कुदरत का कहर देखने को मिला, जहां पटना में दीवार गिरने से 2 लोगों सहित कुल 5 लोगों की जान चली गई। मौसम के इस बिगड़े मिजाज के कारण हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है और बिहार में दो उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना के चलते चारधाम यात्रा से जुड़ी हेलीकॉप्टर सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में तीन मौसमी प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। भूमध्यसागर से आने वाला पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर भारत पर सक्रिय है। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी की नमी के आपस में टकराने से आंधी और ओलावृष्टि जैसी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिन मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां जमीन के अत्यधिक गर्म होने से लू का प्रकोप बना हुआ है।
आगामी पूर्वानुमानों को देखते हुए मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के राज्यों नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक अंधड़ और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल-मई में ऐसी गतिविधियां सामान्य हैं, लेकिन इस बार कई सिस्टम्स की सक्रियता के कारण इनका प्रभाव काफी तीव्र और जानलेवा साबित हो रहा है।



